आस्ट्रेलिया की संसद ने इराक़ में तकफ़ीरी गुट आईएसआईएल के विरुद्ध कार्यवाही में शामिल होने और उसके ठिकानों पर हवाई हमले के लिए सेना को अनुमति दे दी है।
आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने कहा कि इराक़ में सैनिकों की तैनाती कई महीनों तक जारी रह सकती है। उनका कहना था कि यह फ़ैसला इराक़ी सरकार के अनुरोध और आस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हितों को दृष्टिगत रखकर किया गया है। ज्ञात रहे कि आस्ट्रेलिया ने पिछले महीने छह सौ सैनिक और कुछ युद्धक विमान, इराक़ और सरिया में जारी अमरीका के नेतृत्व में बनने वाले गठबंधन में शामिल होने के लिए संयुक्त अरब इमारात में स्थित अमरीकी सैन्य छावनी पहुंचा दिए थे।
टोनी एबॉट ने कहा कि आईएसआईएल ने दुनिया पर युद्ध थोपा है। उन्होंने इस गुट को मौत का पंथ बताया और कहा कि इसे नष्ट करना अतिआवश्यक है। उन्होंने कहा कि सेना की तैनाती का उद्देश्य, आईएसआईएल के हत्यारों से इराक़ी जनता और स्वयं आस्ट्रेलियाई जनता को सुरक्षित रखना है। उनका कहना था कि उनके देश की सेना आईएसआईएल के विरुद्ध कार्यवाही में केवल समर्थक की भूमिका निभाएगी और वह किसी भी प्रकार के हमलों में शामिल नहीं होगी। यह ऐसी स्थिति में है कि आस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने अमरीका और ब्रिटेन के नेतृत्व में इराक़ में आईएसआईएल के विरुद्ध कार्यवाही को इराक़ युद्ध में दोहराई गयी ऐतिहासिक ग़लती बताया है।
3 अक्टूबर 2014 - 18:40
समाचार कोड: 642095
आस्ट्रेलिया की संसद ने इराक़ में तकफ़ीरी गुट आईएसआईएल के विरुद्ध कार्यवाही में शामिल होने और उसके ठिकानों पर हवाई हमले के लिए सेना को अनुमति दे दी है।